भोपाल: कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (KRIBHCO) भोपाल में प्रस्तावित ‘मोर वन जैव विविधता पार्क’ के विकास में सहयोग करेगा। इसके लिए KRIBHCO और मध्य प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड (Madhya Pradesh State Biodiversity Board, MPSBB) के बीच एक समझौता किया गया है।
समझौते के तहत KRIBHCO परियोजना में स्वीकृत कार्यों के लिए अधिकतम ₹10 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा। इस सहयोग से पार्क में पौधरोपण, प्रकृति व्याख्या केंद्र (Nature Interpretation Centre) के विकास और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
एमओयू का आदान-प्रदान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुआ। KRIBHCO की ओर से इसके चेयरमैन वी. सुधाकर चौधरी और प्रबंध निदेशक एस.एस. यादव तथा मध्य प्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव सुदीप सिंह ने समझौते का आदान-प्रदान किया।
‘मोरवन’ को शहरी जैव विविधता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना
‘मोर वन जैव विविधता पार्क’ को भोपाल के एक महत्वपूर्ण शहरी हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसका उद्देश्य केवल हरित क्षेत्र का विस्तार करना नहीं, बल्कि स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण, पर्यावरणीय जागरूकता और लोगों के प्रकृति से जुड़ाव को बढ़ावा देना भी है।
परियोजना के तहत पौधरोपण (Tree Plantation), नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर (Nature Interpretation Centre) की स्थापना एवं विकास तथा संबंधित बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य किए जाएंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ‘मोर वन जैव विविधता पार्क’ का उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आमजन की प्रकृति के साथ सहभागिता को मजबूत करना है।
परियोजना के माध्यम से नागरिकों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों को स्थानीय जैव विविधता एवं पारिस्थितिक तंत्र को समझने का अवसर मिलने की उम्मीद है।
सहकारी संस्थाओं की भूमिका केवल कृषि और वित्त तक सीमित नहीं
KRIBHCO का यह सहयोग सहकारी संस्थाओं की उस व्यापक भूमिका की ओर भी संकेत करता है, जिसमें वे अपने पारंपरिक कारोबारी कार्यक्षेत्र से आगे बढ़कर सामाजिक और पर्यावरणीय पहलों में योगदान दे सकती हैं।
एक किसान-केंद्रित सहकारी संगठन के रूप में KRIBHCO का पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजना में वित्तीय सहयोग ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, जैव विविधता और टिकाऊ विकास कृषि क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं।
कृषि की दीर्घकालिक उत्पादकता मिट्टी, पानी, जैव विविधता और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के स्वास्थ्य से जुड़ी है। ऐसे में पर्यावरणीय संरक्षण को केवल शहरी विकास या कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के दायरे में देखने के बजाय सहकारी क्षेत्र की दीर्घकालिक सामुदायिक भूमिका के संदर्भ में भी देखा जा सकता है।
परियोजना का महत्व
‘मोर वन’ परियोजना का वास्तविक प्रभाव इसके निर्माण के साथ-साथ इस बात पर निर्भर करेगा कि विकसित क्षेत्र का जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा और नागरिक सहभागिता के लिए किस तरह उपयोग किया जाता है।
यदि इन उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से जोड़ा जाता है, तो यह परियोजना भोपाल में एक ऐसे सार्वजनिक पर्यावरणीय परिसंपत्ति के रूप में विकसित हो सकती है, जहां संरक्षण के साथ-साथ सीखने और सामुदायिक भागीदारी को भी बढ़ावा मिले।
KRIBHCO का ₹10 करोड़ तक का प्रस्तावित सहयोग इसी व्यापक परियोजना को वित्तीय आधार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

